24 March, 2025
कोसी-मेची लिंक परियोजना को PMKSY-AIBP में शामिल करने को मंजूरी
Sat 29 Mar, 2025
संदर्भ :-
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने बिहार की कोसी मेची अंतर-राज्यीय लिंक परियोजना को जल शक्ति मंत्रालय की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना/त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (PMKSY-AIBP) के अंतर्गत शामिल करने को मंजूरी प्रदान की।
मुख्य बिन्दु :-
- उद्देश्य: कोसी नदी के अधिशेष जल को मैनानदा बेसिन में सिंचाई हेतु मोड़ना, जिसके लिए मौजूदा पूर्वी कोसी मुख्य नहर का पुनर्निर्माण किया जाएगा।
- लागत: कुल अनुमानित लागत ₹6,282.32 करोड़, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा ₹3,652.56 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
- समयसीमा: परियोजना को मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य
जल प्रबंधन और सिंचाई: -
- कोसी मेची अंतर-राज्यीय संपर्क परियोजना में मौजूदा पूर्वी कोसी मुख्य नहर (EKMC) के पुनर्निर्माण के माध्यम से बिहार में स्थित महानंदा बेसिन में सिंचाई के विस्तार के लिए कोसी नदी के अधिशेष जल के एक हिस्से को मोड़ने और EKMC को RD 41.30 किमी पर इसके अंतिम छोर से आगे RD 117.50 किमी पर मेची नदी तक विस्तारित करने की परिकल्पना की गई है, ताकि बिहार से होकर बहने वाली कोसी और मेची नदियों को बिहार के भीतर एक साथ जोड़ा जा सके।
- लिंक परियोजना से बिहार के अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार जिलों में खरीफ मौसम में 2,10,516 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त वार्षिक सिंचाई उपलब्ध होगी।
- परियोजना में प्रस्तावित लिंक नहर के माध्यम से कोसी के लगभग 2,050 मिलियन क्यूबिक मीटर अधिशेष जल को मोड़ने/उपयोग करने की क्षमता है।
- इसके अलावा, मौजूदा EKMC के पुनर्निर्माण के बाद, मौजूदा पूर्वी कोसी मुख्य नहर के 1.57 लाख हेक्टेयर मौजूदा कमांड में आपूर्ति की कमी दूर हो जाएगी।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) :
- शुरूआत : वर्ष 2015-16 के दौरान
- एक केन्द्र प्रायोजित योजना है , जिसमें केन्द्र-राज्यों का हिस्सा 75:25
- पूर्वोत्तर क्षेत्र और पहाड़ी राज्यों के मामले में यह हिस्सा 90:10
- उद्देश्य: किसानों को हर खेत को पानी उपलब्ध कराना, सिंचाई दक्षता बढ़ाकर अधिक फसल उत्पादन सुनिश्चित करना, जल संसाधनों का समुचित उपयोग करना
- केंद्र सरकार ने 2021-26 के दौरान 93,068.56 करोड़ रुपये (37,454 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता) के समग्र परिव्यय के साथ PMKSY के कार्यान्वयन को स्वीकृति दी है।
- PMKSY का त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (AIBP) घटक प्रमुख और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से सिंचाई क्षमता का निर्माण करना है।
- PMKSY-AIBP के अंतर्गत अब तक 63 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और अप्रैल, 2016 से 26.11 लाख हेक्टेयर की अतिरिक्त सिंचाई क्षमता सृजित की गई है।
- 2012-22 से PMKSY 2.0 के AIBP घटक के बाद नौ परियोजनाओं को शामिल किया गया है।
- कोसी मेची अंतर-राज्यीय लिंक परियोजना इस सूची में शामिल दसवीं परियोजना है।
कोसी मेची अंतर-राज्यीय लिंक परियोजना :
- बिहार की एक प्रमुख सिंचाई और जल प्रबंधन परियोजना है, जिसे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (AIBP) के अंतर्गत शामिल किया गया है।
- यह परियोजना कोसी और मेची नदियों को जोड़कर सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और बाढ़ नियंत्रण करने के उद्देश्य से बनाई गई है।
- यह परियोजना राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना (NPP) के तहत नदी जोड़ो अभियान का हिस्सा है, जिसका प्रबंधन राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी (NWDA) कर रही है
- केन-बेतवा लिंक परियोजना के बाद यह देश की दूसरी बड़ी अंतर-नदी जोड़ परियोजना है
परियोजना का मुख्य उद्देश्य :
- कोसी नदी के अधिशेष जल को महानंदा बेसिन में मोड़कर सूखा-प्रभावित क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा प्रदान करना
- बिहार के अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार जिलों में 2,10,516 हेक्टेयर कृषि भूमि को खरीफ मौसम में सिंचाई उपलब्ध कराना
- मौजूदा पूर्वी कोसी मुख्य नहर (EKMC) के पुनर्निर्माण और विस्तार से जल आपूर्ति की कमी को दूर करना
- समयसीमा: परियोजना को मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य
नहर निर्माण:
- मौजूदा EKMC नहर के 41.30 किमी के पुनर्निर्माण के साथ, इसे 117.50 किमी तक विस्तारित कर मेची नदी से जोड़ा जाएगा
- लिंक नहर के माध्यम से 2,050 मिलियन क्यूबिक मीटर अतिरिक्त जल का उपयोग किया जाएगा
लाभार्थी क्षेत्र :
- जिले: अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार
- प्रखंड: फारबिसगंज, सिकटी, बैसा, कदवा, टेढ़ागाछ आदि सहित कुल 16 प्रखंड
- भूमि: लगभग 1.57 लाख हेक्टेयर मौजूदा कमांड क्षेत्र में जल आपूर्ति सुधार