18 February, 2025
KCC राशि ₹10 लाख करोड़ के पार
Wed 26 Feb, 2025
संदर्भ :-
- सक्रिय किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) खातों में राशि मार्च 2014 में ₹4.26 लाख करोड़ से दोगुनी से अधिक होकर दिसंबर 2024 में ₹10.05 लाख करोड़ हो गई।
- यह वृद्धि कृषि क्षेत्र में क्रेडिट की बढ़ती पहुंच और गैर-संस्थागत ऋण पर निर्भरता में कमी को दर्शाती है।
KCC में वृद्धि के कारण:
सरकार की कई योजनाओं और नीतियों ने इस वृद्धि में योगदान दिया है:
- पीएम किसान सम्मान निधि योजना: किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
- ब्याज सब्सिडी योजना: समय पर भुगतान करने पर किसानों को 4% वार्षिक ब्याज की दर पर ऋण उपलब्ध।
- पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए KCC: फसली खेती से आगे बढ़कर इन क्षेत्रों को भी KCC के तहत जोड़ा गया।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव:
- कृषि निवेश में वृद्धि: किसान अब बीज, उर्वरक और मशीनरी में अधिक निवेश कर सकते हैं।
- साहूकारों पर निर्भरता कम हुई: ऊंची ब्याज दर पर निजी ऋण लेने की आवश्यकता घटी।
- कृषि उत्पादन में वृद्धि: आधुनिक कृषि तकनीकों और बेहतर संसाधनों के उपयोग से उत्पादकता बढ़ी।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) :
- किसान क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत 1998 में हुई थी और यह नाबार्ड की सिफारिश पर लागू की गई थी।
- पात्रता: यह योजना कृषि के अलावा मत्स्य पालन, डेयरी फार्मिंग, पशुपालन और बागवानी से जुड़े किसानों के लिए भी उपलब्ध है।
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) एक सरकारी वित्तीय योजना है, जो किसानों को बीज, उर्वरक और कीटनाशक जैसी कृषि सामग्रियों की खरीद, फसल उत्पादन और कृषि से जुड़ी अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए समय पर और कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराती है।
- 2019 में, इस योजना का विस्तार पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों की कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को कवर करने के लिए किया गया।
ऋण और ब्याज दरें:
- ₹3 लाख तक के अल्पकालिक कृषि ऋण पर 7% वार्षिक रियायती ब्याज।
- समय पर चुकाने पर 3% अतिरिक्त ब्याज छूट, जिससे प्रभावी ब्याज दर 4% रह जाती है।
- ₹2 लाख तक का ऋण कोलेट्रल-फ्री (बिना किसी गारंटी) दिया जाता है।
हालिया सुधार:
- वित्त मंत्री ने 2025-26 के बजट में संशोधित ब्याज छूट योजना के तहत ऋण सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने की घोषणा की है।
कौन आवेदन कर सकता है?
- किसान (स्वतंत्र, किरायेदार, बटाईदार)
- संयुक्त देयता समूह (JLG) और स्वयं सहायता समूह (SHG)
- मत्स्यपालन, डेयरी और पशुपालन करने वाले किसान
प्रमुख बैंक जो KCC प्रदान करते हैं:
- राष्ट्रीयकृत बैंक (SBI, PNB, BOI, BOB, आदि)
- ग्रामीण और सहकारी बैंक
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB)